इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छह छात्रों को पांच साल के लिए विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया है। इन सभी को कार्यवाहक कुलपति से मारपीट के आरोप में 13 जुलाई को ब्लैक लिस्ट किया गया था और इनके खिलाफ जांच चल रही थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद सोमवार को यह कार्रवाई की गई। सभी छह छात्रों के निष्कासन का आदेश रजिस्ट्रार एनके शुक्ला ने जारी कर दिया है। जिन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें से चार एबीवीपी से जुड़े हुए हैं और एक छात्र भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) का राष्ट्रीय सचिव है।
जिन छात्रों को निष्कासित किया गया है, उनमें छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह समेत छात्र नेता नीरज प्रताप सिंह, विवेकानंद पाठक, अंकुश यादव, सूर्य प्रकाश मिश्र और आनंद कुमार सिंह के नाम शामिल हैं। नीरज प्रताप सिंह एबीवीपी से अध्यक्ष पद पर छात्रसंघ चुनाव लड़ने के लिए दावेदार हैं। विक्रांत सिंह एबीवीपी विश्वविद्यालय इकाई के विभाग संयोजक हैं। सूर्य प्रकाश मिश्र एबीवीपी के महानगर उपाध्यक्ष और नीरज प्रताप सिंह इकाई मंत्री हैं। वहीं, आनंद कुमार सिंह भी एबीवीपी से जुड़े हैं।
विवेकानंद पाठक एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव और अंकुश यादव छात्रसंघ के पूर्व उपमंत्री हैं। इन छात्रों को कार्यवाहक कुलपति से मारपीट के आरोप में ब्लैक लिस्ट किया गया है। इसके खिलाफ दो छात्र इलाहाबाद हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अंग्रेजी विभाग के प्रो. आरके सिंह की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई। जांच के दौरान छात्रों का पक्ष सुना गया। सोमवार को कमेटी ने अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंप दी और कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के निर्देश पर इन छह छात्रों को पांच वर्ष के लिए विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया।
इलाहाबाद 5 सास के लिए निष्कासित किये गये छ: छात्र
सितंबर 19, 2017
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