इटावा : स्वच्छ भारत मिशन में शहरी योजना के अंर्तगत सरकार ने एक कदम और बढ़ाया है। व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए अभी तक मिलने वाली धनराशि को और बढ़ा दिया गया। इससे लोगों को शौचालय निर्माण में राहत मिलेगी। राज्य मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन ने नगर निकायों को शासन से मिलने वाली अनुदान राशि 8 हजार के अलावा 12 हजार रुपया अपने अन्य संसाधनों से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
शासन का मानना है कि नगरी क्षेत्र में आबादी का घनत्व अधिक होता है, पेयजल स्त्रोत तथा शौचालय के बीच अधिक दूरी बनाए रखना संभव नहीं होता है। इसके चलते शौचालय के स्थान पर सेप्टिक टैंक व सोखपिट आधारित शौचालय लोगों द्वारा अधिक पसंद किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन गाइड लाइन के अनुसार नगर निकायों द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाना है कि योजना के तहत निर्मित कराए जा रहे घरेलू शौचालय में जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मानकों के अनुसार 8 हजार रुपया की प्रोत्साहन धनराशि में नगरीय क्षेत्र में शौचालय का निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा है। इसी को देखते हुए यह धनराशि बढ़ाने का निर्णय स्वच्छ भारत मिशन द्वारा लिया गया है।
--------------------
अभी ये थी व्यवस्था
व्यक्तिगत शौचालय के निर्माण के लिए 4 हजार राज्य सरकार तथा 4 हजार केंद्र सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है। नये नियम के अनुसार केंद्र व राज्य सरकार अपने पुराने नियम के अनुसार ही अनुदान राशि 8 हजार देगी, जबकि 12 हजार की धनराशि नगर पालिका को राज्य वित्त आयोग, 14 वें वित्त आयोग तथा 2 फीसद स्टांप ड्यूटी से उपलब्ध होने वाली धनराशि से पूरा करनी होगी। शौचालय के लिए धनराशि बढ़ा देने से अब गरीब व मध्यवर्गीय परिवारों के लिए शौचालय बनवाना आसान हो जाएगा।
जिम्मेदार बोले :
मिशन निदेशक द्वारा दिए गए निर्देश के तहत जिस इलाके में सीवर लाइन डाली जा चुकी है, उस क्षेत्र के पात्र लोगों को शौचालय अनुदान की राशि पूर्ववत रहेगी। जिन इलाकों में सीवर लाइन नहीं है, वहां के पात्रों को नए प्रावधानों के अनुसार अनुदान दिया जाएगा। शसनादेश के अंतर्गत तीन स्लेवों में अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
- अनिल कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद
कबीर किरण न्यूज संवाददाता इटावा शौचालय बनवाना आसान
अक्टूबर 11, 2017
0
