अपने मौके को कैसे पहचाने

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अपने मौके को कैसे पहचाने

अपने मौके को कैसे पहचाने:-

 

दोस्तों आज मै आप से एक ऐसी चीजे share करने जा रहा हू जो आप जानते है पर उन चीजो पे

 

 ध्यान नहीं देते शायद इसी वजह से आप को जो चीजे मिलने वाली है वो मिल नहीं पाती|

 

 

 

मौका आप सुने होंगे आपके जिन्दगी में भी कई बार आया होगा परंतु मैआपको detail में

 

बताऊंगा आखिर ये होता क्या है और ये आता कैसे है?

सबसे पहले जानते है मौका क्या है ?मौका किसको कहते है या मौका किसे कहते है ?

 

आइये सबसे पहले define करते है मौका को:-

 

मौका:-

 

इन्सान के जिन्दगी में आने वाले शुभ अवसर को मौका कहते है मौका जब भी आता है तो ढेर

 

सारी दिक्कत परेशानियों को ले के आता और इस दिक्कत परेशानियों को झेल के जो अपने

 

मूल्यवान लक्ष्य की प्राप्ति करता है उसे हम मौका(opportunity) कहते है! मै आपको एक

 

कहानी के माध्यम से समझाता हूँ|

 

एक बार की बात है एक painter ने एक मूर्ति का निर्माण  और उसे एक चौराहे पर

 

 रख दिया | वहाँ  पर मूर्ति रखने के बाद कुछ लोगो ने देखा की एक मूर्ति है जिसका पूरा निर्माण

 

नही हुआ है आधी-अधूरी मूर्ति है  जिसके दोनों पैर नहीं है,शारीर में फटे पुराने कपड़े  है, आखे भी

 

 नहीं है और माथे पे आधे बाल है आधा गंजा है| तो धीरे-धीरे ये खबर आग़ की तरह फैल गई

 

सबके जुबान पे एक ही बात थी आख़िरकार इस मूर्ति को किसने बनाया  है|

 

उस जगह के लोगो  ने पता लगाना शुरू किया की आख़िरकार  इस मूर्ति को किसने बनाया है

 

यह बात बहुत उपर तक पहुँच गई और वहाँ के सारे पेंटर को बुलाया गया और सभी से पूछा गया

 

 की इस मूर्ति का आपने निर्माण किया है  लगभग   वहां  के  सभी लोगो में से किसी ने नहीं हाँ

 

में जवाव दिया|

 

 पता लगाना शुरू  किया कि आख़िरकार किसने बनाया है इस मूर्ति को फिर जा के पता लगा की

 

 मूर्तिकार कौन है तब उनसे पूछा गया की आपने इस मूर्ति को बनाया है  तो उसने हाँ में उत्तर

 

 दिया तब वहाँ के लोगो ने मूर्तिकार से कहा की आप ये बताइए आपने इसे  आधा अधुरा क्यों

 

 बनाया है|

 तो उस मूर्तिकार ने जवाव दिया की आप लोगो को किसने कहा की ये मूर्ति आधा अधुरा है ये तो

 

 पूरा complete है तब लोगो ने उस मूर्तिकार से पुछा की आप ये बताइये की इस मूर्ति के पैर भी

 

नहीं है जो भी है वो टूटे फूटे तो पूरा कैसे है| तब मुर्तिकार ने जवाब दिया  की पैर इसलिए नहीं है

 

 क्योंकि मौका जब भी आता है तो चल के नहीं आता है तब वहां  के लोगो ने कहा की चलिए

 

ठीक है मैंने माना की मौका जब भी आता है तो चल के नहीं आता है तब बताइये की इसके फटे

 

 पुराने कपड़े  क्यों है तो उस मूर्तिकार ने जवाब दिया की फटे पुराने कपडे इसलिए है की मौका

 

 जब भी आता है तो ढेर सारी दिक्कत परेशानियों को ले के आता है तब वहा के लोगो ने कहा की

 

 अछा तो मैंने माना की मौका जब भी आता है तो ढेर सारी दिक्कत परेशानियों को ले के आता है

 

 तब बताइये की इनकी आखे क्यों नहीं है तब मूर्तिकार ने जवाब दिया की मौका जब भी आता है

 

 तो दिखाई नहीं देता तब वहां  के लोगो ने कहा की चलिए ठीक है मैंने माना की मौका जब भी

 

आता है तो दिखाई नहीं देता तब आखिर में ये बताइये की इस मूर्ति के सर पे बाल क्यों नहीं है ये

 

 गंजा क्योंहै तब मूर्तिकार ने जवाब दिया की ये मूर्ति गंजा इसलिए है क्योंकि मौका जब आ के

 

 चला जाता है तब आप उसे लाख चाहे पकड़ने की कोशिश करे वो आपके हाथ में नहीं आता.

 

 

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