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बाबू के पास करीब 3 कराेड़ की संपत्ति मिली, छापे की भनक लगते ही छत पर ईंटों में छुपाए 6.62 लाख रुपए

महिला बाल विकास की पोषण आहार शाखा के बाबू ध्रुव सिंह के भिंड और ग्वालियर स्थित मकानों पर लोकायुक्त का छापा

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बाबू के पास करीब 3 कराेड़ की संपत्ति मिली, छापे की भनक लगते ही छत पर ईंटों में छुपाए 6.62 लाख रुपए

24 साल की नौकरी में 20 लाख रु. वेतन पाने वाला बाबू निकला तीन करोड़ का आसामी 
ग्वालियर/भिंड.  महिला बाल विकास विभाग के भिंड ग्रामीण परियोजना कार्यालय के बाबू (सहायक ग्रेड-2) ध्रुव सिंह भदौरिया के भिंड और ग्वालियर आवास पर शनिवार को लोकायुक्त पुलिस ने छापा डाला।

जैसे ही लोकायुक्त पुलिस की टीम ने भदौरिया के भिंड स्थित घर के दरवाजे की घंटी बजाई तो गेट खोलने से पहले वह 6.62 लाख रुपए नगद लेकर छत की ओर भागा। वहां पैसे ईटों में छुपा दिए। तलाशी में यह नगदी जब्त कर ली है। इसके यहां से करीब 3 करोड़ की संपत्ति मिली। 24 साल की नौकरी में उसने 20 लाख रुपए का वेतन पाया है। 11 माह पहले श्योपुर से भिंड आए इस बाबू के पास कोई चार्ज नहीं था। इससे पहले भिंड में पोस्टिंग के दौरान उसके पास पोषण आहार और स्थापना शाखा का प्रभार था। लोकायुक्त की टीम ने शनिवार की सुबह 5.30 बजे ध्रुव सिंह भदौरिया के भिंड की डायवर्सन रोड के निकट परशुराम छात्रावास के बगल में स्थित मकान पर दबिश दी। बताया जा रहा है कि भदौरिया को लोकायुक्त पुलिस के आने की भनक लग गई थी इसलिए गेट खोलने से पहले ही नगदी छत पर ईटों में छिपाकर रख दी थी। लोकायुक्त पुलिस ने यह नगदी जब्त कर ली है। इसके बाद भदौरिया को ग्वालियर ले जाया गया। जहां शताब्दीपुरम स्थित आवास पर नगदी तो नहीं मिली पर अचल संपत्ति के कागजात के साथ ही 100 ग्राम सोना व इतनी ही चांदी के जेवर मिले। 

किराएदार के रूप में रह रहे खनिज अधिकारी को किया तलब : भिंड में कार्रवाई के दौरान पता लगा ध्रुव सिंह के मकान के एक हिस्से में जिला खनिज अधिकारी आरपी भदकारिया रहते हैं। तब भदकारिया को बुलाया गया और उनके मकान में भी जांच की गई कि कहीं ध्रुव सिंह द्वारा नगदी एवं अन्य सामग्री इनके हिस्से में तो नहीं छिपा दी गई है। लेकिन तलाशी में टीम के सदस्यों को ऐसा कुछ नहीं मिला। इसके बाद भी खनिज अधिकारी को कार्रवाई चलने तक उपस्थित रहने को कहा गया।

चपरासी से भर्ती हुए ध्रुव सिंह ने जल्दी-जल्दी पाए प्रमोशन : वर्ष 1993 में ध्रुव सिंह ने चपरासी के पद से सेवा शुरू की थी। 2003 में एलडीसी और 2008 में यूडीसी बना। 11 महीने पहले वह श्योपुर से भिंड पहुंचा। इसके पूर्व लंबी अवधि तक जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में पदस्थ रहा।

पैतृक एवं वेतन से जुटाई संपत्ति :  शासकीय कार्रवाई को लेकर हमें कुछ नहीं कहना है। यह संपत्ति पैतृक एवं नौकरी से होने वाली आय से जुटाई हुई है। न्यायालय में सब कुछ साफ हो जाएगा। -ध्रुव सिंह भदौरिया, सहायक ग्रेड2    
6 माह की जांच के बाद कार्रवाई :  सहायक ग्रेड-2 ध्रुव सिंह के खिलाफ गोपनीय रूप से प्राप्त शिकायत पर छह माह की जांच के बाद कार्रवाई की गई है। करोड़ों रुपए की संपत्ति मिली है। कार्रवाई की जा रही है। -रानीलता, इंस्पेक्टर, लोकायुक्त पुलिस

 

करीब 3 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज मिले  

संपत्तिकीमतभिंड स्थित घर की छत से नकद जब्त हुए6.60 लाखनिजी बैंक खाते में जमा 8.55 लाखभिंड में परशुराम छात्रावास के पास मकान1.25 करोड़  ग्वालियर के शताब्दीपुरम में मकान80 लाखभिंड में एक प्लॉट15 लाख  ग्वालियर में एक प्लाट20 लाखभिंड सराया के पास 1.67 हेक्टेयर जमीन20 लाखसोना-चांदी के जेवर4 लाख  

एक मकान ध्रुव व पत्नी के नाम, दूसरे मकान, प्लॉट व जमीन की मालिक पत्नी :  भदौरिया के पास मिली संपत्ति में शताब्दीपुरम का मकान पति-पत्नी के नाम पर दर्ज है। इसके अलावा भिंड का मकान, प्लॉट, कृषि भूमि उसकी पत्नी अर्चना भदौरिया के नाम पर दर्ज है। ध्रुव सिंह की नियुक्ति 1993 में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर हुई थी। ध्रुव सिंह मूलत: फूफ(भिंड)का निवासी है और उनकी नौकरी का अधिकांश समय भिंड में ही बीता। भिंड के अलावा श्योपुर व सीधी में बाबू की बहुत कम समय तक पदस्थापना रही। बाबू की शिकायतें भी विभाग के अधिकारियों तक अधिक पहुंचती थी, लेकिन कार्रवाई हमेशा दिखावे की ही हुई और दो पदोन्नति लेकर वह चतुर्थ श्रेणी से बाबू बन गया, जल्द ही उसे तीसरी पदोन्नति मिलने वाली थी। 

सैलरी अकाउंट में 1100 रुपए, निजी खाते में 8.54 लाख रुपए जमा थे : ध्रुव सिंह के एसबीआई के सैलरी अकाउंट में 1100 रुपए जमा थे, लेकिन ओरिएंटल बैंक के दो खातों में 8.54 लाख रुपए जमा थे। इसके अलावा एक कार, एक बाइक व एक्टिवा भी लोकायुक्त टीम की कार्रवाई सूचीबद्ध की गई। सोने-चांदी  के गहने 100 ग्राम से कम वजन के मिले। कार ध्रुव सिंह के नाम पर है।  दोनों मकानों में एसी व सोफे सहित  सामान की कीमत लगभग 12 लाख रुपए आंकी गई है। सामान भिंड वाले मकान पर अधिक था।

भोपाल तक अफसरों से थी नजदीकी : लोकायुक्त कार्रवाई के शिकंजे में आए ध्रुव सिंह को लेकर महकमे में चर्चा यह है कि इनकी शिकायतों पर जब भी कोई स्थानीय अधिकारी कार्रवाई की कोशिश करता था तो ऊपर से उसके फोन की घंटी बज जाती थी। इस घंटी के बाद कार्रवाई या तो रुक जाती थी या फिर केवल दिखावे की होती थी।

संपत्ति की गणना की जा रही है : आय से अधिक संपत्ति के मामले में महिला बाल विकास के लिपिक ध्रुव सिंह के ग्वालियर व भिंड में आवास छापामार कार्रवाई की गई है। संपत्ति की गणना की जा रही है।- अमित सिंह, एसपी लोकायुक्त

 

मैं तो कार्रवाई में सहयोग कर रहा हूं : शासन की कार्रवाई है, किसी ने शिकायत की होगी। मैंने कोई बेईमानी नहीं की है, कार्रवाई में सहयोग कर रहा हूं। -ध्रुव सिंह भदौरिया, आरोपी बाबू

 

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