इटावा के ग्राम पसिया में नहीं हो रही साफ सफाई ग्रामीण परेशान
KabirkiranNews
इटावा: ग्राम पसिया: में नहीं हो रही साफ सफाई
गांवों को साफ-सुथरा कर संक्रामक रोगों से मुक्त कराने के लिए सरकार करोड़ों रुपये दे रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की दशा बदल नहीं पा रही है। तमाम ग्राम स्वच्छता समितियां धरातल पर सफाई न कर धन की सफाई करने में लगी हैं।
ग्राम पंचायतों में एएनएम और प्रधान के नेतृत्व में स्वच्छता समितियां गठित हैं। इनको हर साल स्वास्थ्य विभाग से 10 -10 हजार रुपये की धनराशि दी जाती है, लेकिन समितियां धन का सदुपयोग नहीं करती हैं। बताते हैं, एनआरएचएम के तहत मिलने वाली इस राशि से ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं न तो दवा छिड़की जाती है और न ही साफ सफाई कराई जाती है। गर्मी में गंदगी और मच्छरों से संक्रामक रोगों के पनपने की आशंका बलवती दिखाई दे रही है। गांव के सोवरन दास का कहना है, जगह-जगह गंदगी के ढेर पड़े हुए है। गंदगी से अटी नालियां का पानी सड़कों पर बह रहा है। के ग्राम वासियों कहना है, गांव में भीषण गंदगी है। इसकी वजह से मच्छरों का भी जोर है। गांव पसिया के सोवरन दास का कहना है कि गांव में साफ-सफाई शायद ही कभी होती हो। अब तो दवा का छिड़काव भी नहीं होता।
खाते में दाम, नहीं कराते काम
ग्राम पंचायतों की स्वच्छता समितियों के खाते में रुपये होने के बावजूद तमाम गांवों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए कोई काम नहीं किया गया है। समिति को ग्राम पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, स्वास्थ्य से जुड़ी सामान्य व्यवस्थाओं आदि को ग्रामीणों को पोषण उपलब्ध कराने की भी जिम्मेदारी दी गई है, मगर अधिकांश ग्राम पंचायतें इस बजट के सदुपयोग में कोई रुचि नहीं ले रहीं हैं।
*कबीर किरण न्यूज *
संवाददाता ग्राम पंचायत पसिया
चकरनगर इटावा क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान भारत स्वच्छता अभियान के अंतर्गत आंकलन करने पहुंची *कबीर किरण न्यूज* टीम ने पाया कि ग्राम पसिया में साफ सफाई काफी लम्बे समय से नही हो रही है ग्रामीणों की ने बताया कि सफाई कर्मी कई महीनों से नही आ रहे है नालियों में पानी जमा हो रहा है जिससे लोगों को परेशानी होने के साथ साथ मच्छर पनपने से कई बीमारिया उत्पन्न होती जिसका खामियाजा ग्राम वासियों को भुगतना पडता है।
