उत्तर भारत में परेशान कर रही गर्मी… जल्द राहत मिलने की उम्मीद..
केरल में मॉनसून ने कल दस्तक दे दी है. केरल में शनिवार दोपहर को तटीय इलाकों में मानसून पहुंच गया है. आठ दिन की देरी से केरल पहुंचे मानसून के बाद यहां के तटीय इलाकों में बारिश शुरू हो गई है.
वहीं मौसम विभाग का मानना है कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, मध्य भारत और दक्षिण भारत जैसे कई क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया है. हालांकि देश के कई हिस्सों में मॉनसून पहुंचने से लोगों को बढ़ते तापमान से राहत मिलने के आसार हैं.
मौसम विभाग का कहना है कि लगभग एक सप्ताह देरी से ही सही मगर मॉनसून आ गया है. वहीं अब दिल्ली, एनसीआर, पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों में 11 जून के बाद गर्मी से राहत मिल सकेगी.
वहीं नॉर्थ इंडिया में मौसम की स्थिति अनुकूल है. यहां असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम आदि राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है.
चुरू में 47 डिग्री पहुंचा तापमान
वहीं राजस्थान के चुरू में पारा 47 डिग्री के भी पार पहुंचा. शनिवार को यहां अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री दर्ज किया गया.
वही बीकानेर-बाड़मेर में भी तापमान बढ़ा हुआ रहा. मौसम विभाग ने रविवार को भी राज्य में हीटवेव जारी रहने की चेतावनी दी है.
देश का अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र कृषि एवं सिचाई जरूरतों के लिये दक्षिण पश्चिम मानसून के दौरान चार महीने तक होने वाली बारिश पर ही निर्भर रहता है.
अधिकांश ग्रामीण भारत चार महीने के मानसून के मौसम पर निर्भर करता है, जिसमें वार्षिक वर्षा का 75 प्रतिशत हिस्सा होता है. एक अच्छे मानसून का अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि कृषि भारत की जीडीपी में प्रमुख योगदानकर्ता है.
इससे पहले मौसम विभाग ने कहा था कि केरल में मानसून 6 जून को पहुंचेगा. मौसम पूर्वानुमान लगाने वाली प्राइवेट एजेंसी स्काईमेट ने जानकारी दी थी कि मानसून इस बार 4 जून तक दस्तक दे सकता है.आमतौर पर केरल में मानसून शुरू होने की तारीख एक जून रहती है.

