नेहरू युवा केंद्र आगरा में चल रहे 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में पहुंचे नेहरू युवा केन्द्र राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री श्री दिनेश प्रताप सिंह

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नेहरू युवा केंद्र आगरा में चल रहे 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में पहुंचे नेहरू युवा केन्द्र राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री श्री दिनेश प्रताप सिंह

युवा शक्ति का सदुपयोग करना नेहरू युवा केंद्र संगठन का एक मात्र उद्देश्य :
आगरा : खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित नेहरू युवा केन्द्र संगठन के आदेशानुसार कार्यक्रम प्रभारी अनवर वारसी मार्गदर्शन में, इटावा-मैंनपुरी एवं  फिरोजाबाद जिला के नवचयनित राष्ट्रीय युवा स्वयं सेवकों का 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थित यूथ हॉस्टल संजय पैलेस आगरा में आयोजित किया है जिसमें मंगलवार को नेहरू युवा केन्द्र राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री श्री दिनेश प्रताप सिंह पहुंचे उन्होने स्वयं सेवको को
अपने जीवन की घटनाओं का जिक्र कर बताई अपनी  सफलता की अब तक की कहानी बताकर स्वयं सेवको का मनोवल बढ़ाया
सफलता का मूल मंत्र अपने माता पिता का सम्मान व समर्पण भाव।
अपने जीवन में सोचने की शक्ति सोचो व करो तथा जीवन में अपना साध्य (लक्ष्य)निरर्धारित करे तथा
नेहरूयुवा केंद्र की स्थापना जन समुदाय के साथ समन्वय स्थापित कर युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए की गई थी।
ग्रामीण युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में भाग लेने और इसके साथ साथ उनके व्यक्तित्व एवं कौशल विकास के सुअवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य
से नेहरू युवा केन्दों की स्थापना1972 की गई थी।
इन केन्द्रों के कार्य को देखने के लिए वर्ष 1987-88 में नेहरू युवा केन्द्र संगठन (नेयुकेसं) की स्थापना युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत स्वायत्त शासी संस्था के रूप में की गई थी। नेयुकेसं विश्व में अपने प्रकार की जमीनी स्तरीय सबसे बडी स्वयंसेवी संस्था है। यह स्वैच्छिकता, स्व-सहायता और सामुदायिक प्रतिभागिता के सिद्धांतों के आधार पर 15-35 वर्ष के युवाओं की शक्ति को सही दिशा देता है।
इन वर्षों में नेहरू युवा केन्द्र संगठन ने, जहा इसके नेहरू युवा केन्द्र स्थापित हैं वहा गांवों में युवा मंडलों का नेटवर्क स्थापित किया है। युवा मंडलों के गठन द्वारा विकास हेतु युवा शक्ति का उपयोग करने के लिए क्षेत्रों की पहचान करना नेहरू युवा केन्द्र संगठन का मुख्य लक्ष्य है। यह युवा मंडल जमीनी स्तर पर ग्राम स्तरीय युवाओं के स्वैच्छिक कार्य समूह होते हैं जो कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में शामिल करते हैं। युवा मंडलों के इस नेटवर्क में ही नेहरू युवा केन्द्र संगठन की मुख्य शक्ति निहित है। युवा मंडल ग्राम आधारित संस्थाएॅं हैं, जो कि सामुदायिक विकास और युवा सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्यरत हैं।
युवा मंडलों का गठन युवा सदस्यों द्वारा किया जाता है जोकि 15-35 वर्ष की आयु के होते हैं। युवा मंडलों के सृजन का मुख्य उद्देश्य युवा सशक्तिकरण पर ध्यान केन्द्रित करते हुए विकासात्मक पहलों की गतिविधियों के माध्यम से समाज को सहयोग करता है। युवा मंडलों की गतिविधिया एवं कार्यक्रम स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित होते हं, जिनका कार्यान्वयन विभिन्न स्थानीय विभागों एवं एजेंसियों, जिसमें राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय तथा बहु आयामी संस्थान शामिल हैं, द्वारा, स्थानीय संसाधन एकत्रित करके किया जाता है। युवा मंडल एवं इसके सदस्य नेहरू युवा केन्द्रों के विशाल राष्ट्रीय ग्रामीण नेटवर्क के आधार को तैयार करते हैं।
उद्देश्य
नेहरू युवा केन्द्र संगठन के उद्देश्य दो प्रकार के है:- :-
ग्रामीण युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में शामिल करना।उनमें ऐसे कौशल एवं मूल्यों को विकसित करना जिससे कि वे आधुनिक, धर्मनिरपेक्ष तथा तकनीकी राष्ट्र के उत्तरदायी एवं सृजनकारी नागरिक बन सकें।
नेहरू युवा केन्द्र संगठन, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के युवा विकास संबंधी विभिन्न कार्यक्रमों तथा कुछ अन्य मंत्रालयों के सहयोग एवं समन्यव द्वारा कुछ विशेष कार्यक्रमों के कार्यान्वयन का कार्य कर रहा है। इन कार्यक्रमों में विशेष रूप से अच्छी नागरिकता के मूल्यों को विकासित करना, धर्मनिरपेक्ष रूप से सोच और व्यवहार को विकसित करना, कौशल विकास करना और युवाओं को सृजनकारी एवं संगठनात्मक व्यवहार को अपनाने में सहायता करने पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है।
दृष्टिकोण :
संगठन के दृष्टिकोण में जमीनी स्तर पर अच्छे नागरिक और युवा नेतृत्व के लिए दीर्घ आवधिक विकासात्मक गतिविधियों पर ध्यान केन्द्रित किया जाता है। युवा मंडलों का गठन किया जाता है और उन्हें खेल, सांस्कृतिक और स्थानीय गतिविधियों में प्रतिभागिताओं के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। युवा मंडलों के गठन एवं निरंतरता के लिए युवा नेतृत्व का विकास किया जाता है। यह नेतृत्व निम्नलिखित सृजनात्मक कार्यों के लिए अत्यंत लाभदायक है -
स्वयं सेवा के नेटवर्कमूलभूत लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लेने के सुअवसर उपलब्ध कराना और विकास करनायुवाओं के सशक्तिकरण में सहायता करना जैसे कौशल उत्पत्ति, स्वास्थ्य एवं जीवन कौशल के प्रति जागरूकता लाना एवं स्वरोजगार।
भारत की जनसंख्या का लगभग तीन चैथाई हिस्सा ग्रामीणों का है। इसलिए संपूर्ण राष्ट्र का वास्तविक विकास उनकी प्रगति एवं विकास पर निर्भर है। इसके अलावा जनसांख्यिकी लाभांश जो इस देश को मिलता है वह युवाओं की जनसंख्या अधिक होने के कारण है। इसलिए नेयुकेसं जैसी सबसे बडी युवा संस्थाओं, के लिए आवश्यक है कि वह अधिक से अधिक इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करें क्योकि हमने युवाओं को सशक्त करने का बीडा उठाया है।
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