बिना बैंड बाजा बारात, सिर्फ 17 मिनट में हो गई शादी

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बिना बैंड बाजा बारात, सिर्फ 17 मिनट में हो गई शादी
चकरनगर/इटावा:गुरु रामपाल महाराज के दिखाए हुए मार्ग पर चलते हुए मात्र 17 मिनट में गुरुवाणी से आलोक  एवं स्नेहा  तथा आशीष दास सुयंका दासी शादी की रस्में अदा करा दी गई। बता दें कि आशीष दास सुयंका  एवं आलोक दास स्नेहा  दोनों जोडे  शिक्षित हैं । 
विवाह में फिजूल खर्ची रोकने की मिसाल प्रस्तुत करते हुए कबीरपंथी संत रामपालजी महाराज के शिष्यों ने कुशवाहा होम में अनोखी शादियों का आयोजन किया, जिसमें बिना बैंड बाजा, बारात और सात फेरे लिए ही मात्र 17 मिनट में ही गुरुवाणी असुर निकंदन रमैणी से शादी की रस्में पूरी कर ली गई।
मालूम हो कि महीने  के पहले  रविवार  को इटावा के कुशवाहा मैरिज में कबीरपंथी संत गुरु रामपालजी महाराज के सत्संग समारोह का आयोजन किया जाता है। एक दिवसीय इस सत्संग समारोह में इटावा जिला सहित आसपास से काफी संख्या में उनके शिष्य आते है। उन्हीं में से आलोक इटावा वधु स्नेहा बाँधा से तथा आशीष इटावा वधु सुयंका इटावा , जिनकी शादी के लिए घोड़ी एवं बैंडबाजा, बारात सहित अन्य फिजूल खर्ची न करते हुए गुरु रामपाल महाराज के दिखाए हुए मार्ग पर चलते हुए मात्र 17 मिनट में गुरुवाणी रमैणी से  इटावा के चकरनगर तहसील अंतर्गत ग्राम पिपरौली गढिया से आलोक दास पुत्र उत्तम दास वधु स्नेहा दासी बाँधा जिले से तथा आशीष दास चकरनगर के अंतर्गत ग्राम गढा कास्दा वधु सुयंका के नवादाखुरद कला निवासी ने शादी की रस्में अदा करा दी गई। बता दें कि आलोक दास स्नेहा एवं आशीष दास सुयंका दासी दोनों जोडे शिक्षित हैं। इसलिए शादी समारोह के नाम फालतू खर्च एवं दिखावा न करते हुए सत्संग समारोह में विवाह करने का संकल्प लिया था।
पढ़े लिखे होने के साथ-साथ उन्होंने समाज में फैली दहेज प्रथा एवं विवाह में हो रहे अनावश्यक खर्च को दूर करने का संकल्प लेकर सत्संग समारोह में रमैनी पाठ करके परिणय सूत्र में बंध गए। शादी समारोह में लोग रस्मों, रिवाजों और दिखावे के नाम पर जहां बेहिसाब पैसा खर्च कर देते हैं। वहीं 1दिसम्वर रविवार के दिन बिना किसी तामझाम एवं अनावश्यक खेच के मात्र 17 मिनट में ही गुरुवाणी के बीच शादी संपन्न हो गई, जिसमें बैंडबाजा, बारात एवं घोड़ी आदि तो नही थी, इस कार्यक्रम के दौरान जिला को-आर्डिनेटर श्री विपिन दास तहसील को-अॉर्डिनेटर डॉ. राजीव यादव ,उत्तम दास प्रेमनरायण दास विश्वनाथ दास रामकिशोर दास सहित तमाम लोग मौजूद रहे

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