सामाजिक वानिगी के जंगल में लगी भीषण आग, लाखों की लकडी राख*
रिपोटर -रामकिशोर कुशवाह
चकरनगर (इटावा)
चकरनगर क्वारी नदी पार सामाजिक वानिगी के जंगल में गुरुवार दोपहर समय अचानक भीषण आग लग गयी। जिसमें जंगल की लकडी सहित बृक्षा रोपड के फोर्मेल्टी प्लांटेशन में खडी घास फूंस भी जल गयी। उक्त मौके पर पहुंची फायर की गाडी ने आग पर काबू पाया।
सहसों थाना क्षेत्र के गांव विण्डवा खुर्द के समीप सामाजिक वानिगी के जंगल में गुरुवार दोपहर समय अचानक भीषण आग लग गयी। आग की ऊंची लपटों को देखकर उक्त गांव निवासी कुछ ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, किन्तु जब आग काबू से बाहर हो गयी, तो ग्रामीणों द्वारा दूरभाष पर विभाग को सूचित किया गया। तदोपरांत मौके पर पहुंचे विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारियों को आग वेकाबू दिखाई दी, तो उन्होंने सहसों थाना पुलिस और फायर बिर्गेड की गाडी को सूचना दी। इसके पूर्व मौके पर पहुंची फायर बिर्गेड की गाडी ने ग्रामीणों और पुलिस बल के सहयोग से आग पर कडी समक्कत के बाद काबू पाया। लेकिन तब तक उक्त भीषण आग में जंगल की वेश कीमती लकडी के अलावा 2016 में 20 हैक्टेयर भूमि में किये गये बृक्षारोपड की खाना पूर्ति में से करीब 6 हैक्टेयर में पौधों के स्थान पर खडी घासफूस भी जलकर राख हो गयी । वहीं सूत्रों की माने तो चकरनगर थाना क्षेत्र के गांव कुन्दौल के सेंचुरी के जंगल में भी आग धधकती बताई गयी है। दरसल हर वर्ष गर्मी शुरू होते ही चकरनगर क्षेत्र के जंगल में आग की खबरें शुरू हो जातीं है और भीषण वर्षात होंने तक निरंतर चलतीं है। वही उक्त आग की खबरों को क्षेत्रीय लोग लकडी माफियाओं की साजिस मानते है। उनका मानना यह भी है कि लकडी माफिया सर्दी के समय जंगल से लकडी काटते है और गर्मी शुरू होते ही शेष बचे लकडी के पाल को आग के हवाले कर देते है। जिसमें जंगल के पेड पौधे भी जलकर नष्ट हो जाते है। उक्त मामले में वन विभाग को दोहरा नुकशान होता है, क्यों कि पहले माफिया जंगल से लकडी काटते है और बाद में फिर पौधों को जलाकर नष्ट कर देते है।
- जंगल में और रिजों में आग से काफी नुकशान हुआ है, फिलहाल आग बुझा दी गयी है।
- सूर्य कान्त शुक्ला वन दारोगा वन रेंज चकरनगर

