क्या गोकशी करने वालों ने दो साधुओं को मंदिर में मार डाला?

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क्या गोकशी करने वालों ने दो साधुओं को मंदिर में मार डाला?

अगस्त 16, 2018 10:39 AM

    

औरैया में गोकशी का विरोध करने वाले दो साधुओं की हत्या कर दी गई है, जबकि एक साधु को गंभीर हालत में रिम्स सैफई में भर्ती करवाया गया है.

यूपी में कानपुर से सटे औरैया जिले के बिधूना इलाके के कुदरकोट में बने भयानक नाथ मंदिर में 15 अगस्त की सुबह दो साधुओं की हत्या कर दी गई. वहीं एक साधु को बदमाशों ने इतना पीटा कि उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. पहले उसे औरैया और फिर उसे रिम्स सैफई में भर्ती करवाया गया है. पुलिस के मुताबिक ये साधु गोकशी का विरोध कर रहे थे. इसी वजह से गो तस्करों ने इनपर हमला कर दिया, जिसमें दो की मौत हो गई और तीसरे की हालत गंभीर है.

मान्यताओं के मुताबिक कुदरकोट को भगवान् कृष्ण की पत्नी रुक्मणि का मायका माना जाता है. इसलिए यहां के भयानक नाथ मंदिर की भी मान्यता है. इस मंदिर में लज्जाराम, हल्के राम और रामशरण पूजा पाठ करवाते थे और इलाके के लोगों के बीच गौ हत्या के खिलाफ अभियान चला रहे थे. हर रोज की तरह 14 अगस्त की रात को भी ये तीनों साधु पूजा पाठ के बाद रात को मंदिर बंद करके बारामदे में सो रहे थे. सुबह के तीन बजे बदमाशों ने साधुओं पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया. तीनों साधुओं को बदमाशों ने चारपाई से बांध दिया और फिर उनका गला रेत दिया. जब मंदिर खुला और लोग पूजा-पाठ के लिए आए, तो देखा कि लज्जाराम और हल्के राम की मौत हो गई है, जबकि रामशरण की हालत गंभीर है. मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां से रामशरण को सैफई रिम्स भेज दिया गया.

दोनों साधुओं की गला रेतकर हत्या की गई है.

गोकशी के खिलाफ अभियान चलाने वाले साधुओं पर हमले की खबर के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया. पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसके बाद पुलिस को भी लाठीचार्ज करना पड़ा. जब भीड़ को कंट्रोल करना मुश्किल हो गया, तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित हो पाई. औरैया एसपी नागेश्वर सिंह के मुताबिक पूरे इलाके में फोर्स तैनात कर दी गई है और मामले की जांच की जा रही है. खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए गृह विभाग के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार और डीजीपी ओम प्रकाश सिंह को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

साधुओं की हत्या से नाराज़ लोगों नेसड़क पर आगजनी भी की. (फोटो : Social Media)

इसके साथ ही मरने वाले साधुओं के घरवालों को मुख्यमंत्री की ओर से पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है. वहीं इस हत्याकांड में एक पुलिसवाले का भी नाम सामने आया है. कानपुर रेंज के आईजी आलोक सिंह ने बताया कि इन साधुओं ने 4 दिन पहले गोकशी करने वाले एक गिरोह की शिकायत डायल 100 पर की थी जिसके बाद 4 लोगों को हिरासत में लिया गया था. हिरासत में लिए गए लोगों में एक पुलिस कांस्टेबल भी था. आईजी के मुताबिक चारों लोगों को पुलिस ने छोड़ दिया था. अब फिर से उनकी तलाश की जा रही है.

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