IAS की तैयारी कर रहे दलित युवक ने कर लिया सुसाइड, मरने से पहले सरकार की खोल गया पोल
कबीर किरण न्यूज संवाददाता
Publish: Aug, 13 2018 04:54:46 PM (IST)

IAS की तैयारी कर रहे दलित युवक ने कर लिया सुसाइड, मरने से पहले सरकार की खोल गया पोल
इटावा. उत्तर प्रदेश में इटावा जिले में आईएएस बनने का सपना संजोए आर्थिक रूप से कमजोर एक युवक ने जान दे दी है। इटावा के एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने आज यहां बताया कि आर्थिक तंगी की वजह से आईएएस की तैयारी न कर पाने से मानसिक रूप से कुंठित लड़के ने आत्महत्या कर ली है। पहले सल्फास की गोली खाई अौर फिर यमुना नदी में कूदने के लिये यमुना पुल पर पहुंचा लेकिन सल्फास की गोली खाने की वजह से नदी में कूदने से पहले ही गिर पड़ा।
तभी गस्त कर रहे उदी चौकी इंचार्ज सतीश राठौर की नज़र उस पर पड़ी तो चौकी इंचार्ज उसको लेकर तुरन्त मुख्यालय के डॉ भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय पहुंचे । जहां डॉक्टर ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए सैफई रेफर कर दिया। सैफई में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। लड़के की जेब से मिले सुसाइड नोट से उसकी पहचान हो सकी। मृतक अतुल कुमार राजौरे पुत्र रमेश चंद्र भरथना थाना क्षेत्र के रमायन गांव के रूप में उसकी पहचान हुई है। उसके पास मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि वो बचपन से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अफसर बनना चाहता था, लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से उसका ये सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। अपने सपने को पूरा करने के लिए मृतक अतुल ने कई पैसे वाले लोगों से संपर्क किया लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की ,फिर उसने कई राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों से सम्पर्क किया लेकिन वहां से भी उसको निराशा ही हाथ लगी। चारों तरफ से सारे रास्ते बंद होने और कही से भी पैसों की कोई मदद न होने की वजह से अतुल मन ही मन कुंठित हो गया था जिसके चलते उसने आत्महत्या करने का फैसला किया और सल्फास खा कर अपनी जान दे दी।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, लेकिन इस घटना ने एक बार साफ कर दी है कि आर्थिक तकनीकी किसी भी वक्त की प्रगति बहुत बड़ी बात होती है जैसा कि अतुल के मामले में भी साफ होता हुआ दिखाई दे रहा है । अतुल भारतीय प्रशासनिक सेवा का अफ़सर बनना चाहता था लेकिन आर्थिक तंगी ने उसको इस मुकाम तक पहुंचने नहीं दिया। जिस कारण उसने तंग आकर आत्म क्या कर ने का निर्णय लिया और अंतता अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली ।
