इटावा गाँवों और ग्रामीणों की दशा सुधारने के लिए सरकार हर ग्राम पंचायत में ऐसे भवनों का निर्माण करवाती है, जहां ग्रामीण और ग्राम प्रधान गाँवों की समस्या और विकास के मुद्दों पर सभा का आयोजन करते हैं और उसके निवारण की रूपरेखा बनवाई जाती है। मगर उत्तर प्रदेश के कई ऐसे जिले हैं, जहां गाँवों में ग्राम पंचायत तो बनी हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं हो रहा है। ऐसे में उनकी देखरेख नहीं हो पा रही है और भवन जर्जर हो गए हैं। ऐसा ही एक मामला इटावा जिले के बिण्डवा खुर्द गाँव में बना पंचायत भवन भी है।
बिण्डवा खुर्द गाँव के ग्राम पंचायत भवन का हाल
इटावा जिला मुख्यालय से 48 किमी दूर चकरनगर ब्लॉक के बिण्डवा खुर्द गाँव में लगभग नौ वर्ष पहले लाखों रुपए की लागत से ग्राम पंचायत भवन बनवाया गया था। ग्राम सचिव के कार्यालय के साथ ही ग्राम स्तर पर होने वाली बैठकों के लिये एक सभागार व 3 कक्ष का निर्माण कराया गया था।
ग्रामीण बताते हैं हाल
ग्रामीण दिनेश सिंह (43वर्ष) व अमरसिंह (48 वर्ष) बताते हैं, "कई वर्ष पहले पंचायत भवन का निर्माण कराया गया था गाँव मे होने वाली बैठकों के लिए पंचायत भवन का निर्माण कराया गया , लेकिन रखरखाव के अभाव में भवन जर्जर हो गया है। अब तो कोई इसकी ओर देखने वाला नहीं है। दीवार में कई जगह दरार आने से उनके दरवाजे बंद हो गये हैं । इस समय वहां की दशा बहुत खराब हो गई हैं।
तब बैठक के लिए प्रधान के घर जाते हैं ग्रामीण
इसी गाँव के निवासी अरविन्द सिंह (42 वर्ष) बताते हैं, ''यहां पर बैठक के नाम पर सिर्फ मजाक होता है। सिर्फ कागजों पर ही बैठक होती है। भवन के रखरखाव के लिए आने वाला पैसा भी भवन के रखरखाव में नहीं लगाया जाता। जानवरों का डेरा लगा रहता है। जब कोई बैठक होती है तो लोग प्रधान के घर जाते हैं।"
