सुविधा शुल्क के गलियारे मे विभाग मौन, मिलावटखोर सक्रिय
0 कालपी सहित पूरे जनपद पर हावी है मिलावटखोर
0 कृतिम खाद्य पदार्थो के सेवन से नागरिक घातक रोगों की चपेट मे
कालपी (जालौन)। खाद्य विभाग के जिम्मेदारों की खाऊ कमाऊ नीति के चलते कालपी नगर सहित पूरे जनपद मे मिलावट खोर सक्रिय है। आपको बताते चले कि हिन्दुत्व होली का त्योहार नजदीक आते ही कालपी सहित पूरे जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले मौत के सौदागर सक्रिय हो गए हैं। मिलावटखोर अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में खाद्य पदार्थों में मिलावट करके लोगों को बीमारियां बांटने के साथ-साथ मौत को दावत दे रहे है। होली के त्योहार पर हर घर में खाद्य पदार्थ खरीदे जाते हैं, पर मिलावटखोर होली को बदरंग करने की तैयारी में जुट गए हैं। बाजार में बिकने वाले देशी घी, सरसों का तेल, बेसन, आटा, हल्दी, धनियां, मिर्च, दूध, खोआ, टोमाॅटो साॅस समेत तमाम खाद्य सामग्री में मिलावट की जा रही है। नाम न छापने की शर्त पर एक दुकानदार ने बताया कि एक सौ रुपया प्रतिकिलो बिकने वाले सरसों के तेल में 40 से 50 रूपए प्रतिकिलो बिकने वाला पाॅम आयल मिलाया जा रहा है। 90 रुपया प्रतिकिलो बिकने वाले बेसन में कम कीमत पर बिकने वाले मटर का बेसन मिलाकर बेचा जा रहा है। मिलावटखोर मुनाफा कमाने के चक्कर में लोगों के स्वास्थ्य से खुलेआम खिलवाड़ करने में लगे हैं। बढ़ती मांग के कारण अधिक कमाने के चक्कर में किराना व्यापारी, होटल संचालक आदि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने में लगे हुए हैं। खाद्य पदार्थों की मिलावट करने वाले होली के त्योहार के समय विभिन्न सामान बाहर से जिले तथा क्षेत्र में ला रहे हैं। इतना ही नहीं खाद्य मसालों आदि में भी जमकर मिलावट की जा रही है। इस प्रकार के मिलावटी खाद्य पदार्थ, खाने वालों के शरीर में पहुंचकर धीमे जहर का काम कर रहे हैं। मिलावट करने वाले मिलावटी खाद्य पदार्थ की बिक्री कर उपभोक्ताओं को ब्लडप्रेशर, शुगर, खांसी, जुकाम, दमा तथा केंसर जैसी घातक बीमारियां होली के अवसर पर तोहफे के रूप में दे रहे हैं। दूसरी तरफ़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिलावटी मावा तथा कृत्रिम रंगों से मिठाइयां तैयार की जा रही है। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग संदिग्ध कार्रवाई कर रहा है। यानी कई मर्तबा टीम तो आयी और छापेमारी भी की गई, किन्तु चहेते दुकानदारों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया, जिसकी चर्चा पूरे नगर में है कि सुविधा शुल्क के गलियारे मे विभाग कोई कार्यवाही नही करता है जिससे उनके होसले बुलंद है। होली पर मिठाइयों की डिमांड पर मिलावटखोर जमकर फायदा उठाते हैं। कालपी व कदौरा क्षेत्र में यह गोरखधंधा खूब फल-फूल रहा है। बता दें कि हर बार त्यौहार पर चाहे दीपावली हो या होली सभी त्यौहारों पर जिम्मेदार विभाग चेकिंग के नाम पर छोटे या कहें कि सिस्टम के अनुरूप सुविधा शुल्क न देने वाले दुकानदारों को निशाना बनाते हैं, व अपने तय सिंडिकेटधारी (किराना वाले, खोए वाले, होटलों वाले, मिलावटी गुटखे वाले) ब्रोकरों से मिलकर चले जाते है। जिस दिन गम्भीरता की चेकिंग होती है। उस दिन नगर में मुस्तैद ब्रोकरों के पास कोई विभागीय कर्मचारी सूचना दे देता है। जिसके परिणामस्वरूप पहले ही नगरों की दुकाने बंद हो जाती हैं। होली पर गुजियां बनाने के लिए खोये की मांग कुछ ज्यादा होती है। ज्यादा खपत करने के लिए दुकानदार मिलावटी खोया तैयार कर पहले ही रख लेता है और मनचाहे दामों मे बेचता है। जिससे अधिकांश नागरिक बीमारी की चपेट मे आकर डाक्टरों की शरण ले रहे है। इस संबंध मे उपजिलाधिकारी सुनील कुमार शुक्ला का कहना है कि होली के पावन पर्व मिलावट खोरो को चिंहित कर कार्यवाही की जायेगी।
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सुविधा शुल्क के गलियारे मे विभाग मौन, मिलावटखोर सक्रिय
मार्च 18, 2019
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