राजस्थान पर मॉनसून की मेहरबानी अभी भी बनी हुई है। शुरुआती दो महीनों में कमजोर मॉनसून के बाद अब राज्य के लोगों को भरपूर बारिश मिल रही है। आने वाले दिनों में राजस्थान के अधिकांश जिलों में बारिश होने की संभावना है। बारिश का सबसे अधिक प्रभाव पूर्वी और मध्य भागों पर देखने को मिलेगा।
मध्य प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके चलते एक तरफ बंगाल की खाड़ी से तो दूसरी ओर अरब सागर आर्द्र हवाएँ आ रही हैं। यही हवाएँ बादल बनकर राजस्थान को कई दिनों तक भिगोने वाली हैं।
पूर्वी जिलों में होगी ज़्यादा बारिश
अगले 24 घंटों तक बारिश की तीव्रता पूर्वी राजस्थान पर ज़्यादा रहेगी। प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, उदयपुर, सिरोही, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाडा, पाली, झालावाड़, कोटा, बूंदी, टोंक, जालौर, जोधपुर, अजमेर, नागौर, जयपुर, सीकर, सवाई माधोपुर, दौसा, करौली, धौलपुर, अलवर, सीकर, भरतपुर, झुञ्झुणु में अगले तीन-चार दिनों तक रहेगा बारिश का मौसम। इस दौरान इन भागों में कई जगहों पर रुक-रुक कर मध्यम से तेज़ वर्षा होने की संभावना है।
पश्चिमी राजस्थान में आमतौर पर मॉनसून सीजन में भी बहुत अच्छी बारिश नहीं होती है। लेकिन हाल के दिनों में बाड़मेर, जैसलमर, जोधपुर समेत पश्चिमी भागों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है। अगले 24 घंटों के दौरान चुरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, जोधपुर, जैसलमर में हल्की बारिश होगी। कल यानि 4 सितंबर को इन भागों में भी मध्यम बौछारें गिर सकती हैं।
यह बारिश फसलों के लिए लाभप्रद होगी इसमें कोई संदेह नहीं है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि राजस्थान में आगामी दिनों में जिस तरह की बारिश होने के आसार हैं, उससे बड़े पैमाने पर नुकसान जैसा कोई डर नहीं है।
संभवतः राजस्थान में मॉनसून 2020 का यह आखिरी स्पेल हो। नई तारीख के अनुसार 15 सितंबर के आसपास मॉनसून राजस्थान से वापसी की राह पर निकल सकता है।
