ठंड का प्रकोप : बढता ही जा रहा है जानिए इस सप्ताह के मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में सर्दी के साथ धुंध और कोहरा बढऩे की उम्मीद है। इस दौरान तापमान में भी उतार-चढ़ाव हो सकती है। हालांकि इस मौसम में रबी फसल को फायदा हुआ है। ...
भागलपुर । अभी ठंड से अगले दो दिनों तक राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मंगलवार की अपेक्षा न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस गिरावट के साथ पारा सात पर पहुंच जाने से ठंड में कनकनी बढ़ गई है। सुबह जिले का मौसम काफी सर्द रहा। आसमान में धुंध के चादर छाए रहे। जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार भी धीमी रही। हालांकि दिनभर खिली धूप ने लोगों को राहत पहुंचाई। जिस वजह से two.8 डिग्री सेल्सियस वृद्धि के साथ अधिकतम तापमान twenty one.4 पर पहुंच गया।
मौसम पूर्वानुमान
क्षेत्रीय मौसम निदेशालय पटना एवं बीएयू मौसम विभाग के नोडल पदाधिकारी प्रो. बीरेंद्र कुमार ने पूर्वानुमान में बताया है कि अगले दो दिनों में सर्दी के साथ धुंध और कोहरा बढऩे की उम्मीद है। इस दौरान तापमान में भी उतार-चढ़ाव हो सकती है।
आम फसल के लिए है अनुकूल मौसम
बीएयू के डीन एजी सह उद्यान वैज्ञानिक डॉ. आरआर सिंह का कहना है कि नवंबर-दिसंबर में आम के बौर का कलिका भेदन होता है। इसके बाद जनवरी-फरवरी में बौर निकलता है। रात में अभी तक पाला नहीं पड़ा है। कोहरे का प्रकोप भी बहुत अधिक नहीं है। दिन में धूप खिल रही है। इससे आम के पेड़ों में कलिका भेदन बेहतर तरीके से हो रहा है। आम को जितनी ठंडी जलवायु की जरूरत है, उतनी मिल रही है। आगे रात में पाला नहीं पड़ा तो आम का उत्पादन बेहतर होने के आसार हैं।
रबी फसलों के लिए वरदान
जिला कृषि अधिकारी संजय कुमार ने कहा कि बहरहाल दिन और रात का तापमान जिस तरह से चल रहा है, वह गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है। अगर कोहरा कुछ ज्यादा गिरता है तो गेहूं की फसल और अच्छी होगी। यह मौसम सरसों, मसूर, चना, मटर सहित अन्य सब्जी फसलों के लिए भी बहुत लाभकारी है। seventeen से twenty two डिग्री का तापमान आलू के लिए मुफीद है। पत्ता गोभी, फूल गोभी, सोया, मेथी, बैंगन, मटर, टमाटर, गाजर आदि के लिए भी ये मौसम बेहद मुफीद है।
स्कूलों में बच्चों की घटी उपस्थिति
अचानक ठंड बढऩे ने निजी एवं सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति घटने लगी है। खास कर सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों की इस मौसम ने परेशानी बढ़ा दी है। ठंड से परेशान छोटे-छोटे बच्चे रोते बिलखते स्कूल आ रहे हैं। इधर जिला प्रशासन का भी बच्चों की परेशानी पर कोई नजर नहीं है। अभिभावक बच्चों की फरवरी में होने वाली वार्षिक परीक्षा को लेकर अभी कक्षा में बच्चों को अनुपस्थित रखना नहीं चाह रहे हैं। हालांकि कुछ स्कूलों ने ठंड को ध्यान में रखते हुए कक्षा संचालन की अवधि सुबह साढ़े आठ बजे से नौ बजे तक कर दी है।
