बिठौली गांव में एक भैंस ने अजीव लबेरु को जन्म दिया
दैनिक सनशाइन समय इटावा ब्यूरो रामकिशोर सिंह
चकरनगर/इटावा:ईश्वर की लीला बड़ी विचित्र है।पृथ्वी पर आए लाखों जीव जंतुओं की आकृति का बनना भले ही रासायनिक क्रिया के वास्ते होती है लेकिन कभी कभी कुछ जन्म जीवों की आकृति ऐसी बन जाती है कि हर कोई ये कहने को मजबूर हो जाता है कि ईश्वर की लीला बड़ी अमरम्पार है। ऐसा ही एक मामला संज्ञान में आया है।
गौरतलब हो कि क्षेत्र के गाँव बिठौली में एक किसान बड़े सिंह परिहार पुत्र मर्जात सिंह की भैंस ने ऐसे लबेरु को जन्म दिया कि देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि मानो दो लबेरु हों जो आपस मे दो जिस्म एक जान को प्रदर्शित हो रहा है। एक आकृति में चिपके जिसके दो मुँह और सात पैर सब कुछ अलग अलग लेकिन ईश्वर तब भूल गया जब उनकी स्वशन क्रिया की रास्ता एक तरफ तथा पेशाव की दूसरे के हिस्से में थी। दो कहें या एक फिलहाल भैस स्वस्थ है लेकिन ये अजूबा आकृति के लबेरु अंतिम सांस से जूझ रहे है। ऐसे जीव चन्द समय के लिए जन्म लेते है इनके जीवित रहने के बहुत कम चांस होते है।
